मेरे प्रिय स्टूडेंट्स आज हम लोग "फणीश्वरनाथ रेणु जी का 'पंचलाइट' कहानी का सारांश लिखिए" के बारे में विस्तार से जानेंगे.  यदि आप लोग Panchlight Ki Kahani Short Mein जानना चाहते है तो आप हमारे साथ अंत तक बने रहिएगा.

मैं आप लोगो को Panchlight Ki Kahani Ka Saransh बताने वाला हु जो की आपके बोर्ड एग्जाम में हर साल पाँच अंक में आता है. मैं आपको पंचलाइट की कहानी से बताने वाला हु उसे आप अगर एक बार मन से पढ़ लेंगे तो आपके दिमाग में हमेशा के लिए बैठ जाएगा.

यही नहीं मित्रो यह कहानी इतनी मजेदार है की आपको यह मनोरंजन भी कराएगा. आप अपने बोर्ड के प्रश्न - पत्र में इसको कुछ इसप्रकार से पाएंगे - पंचलाइट कहानी की कथावस्तु लिखिए. आपको प्रश्न में चाहे कथावस्तु लिखने के बोले या फिर सारांश दोनों का मतलब एक ही है.

Panchlight Ki Kahani Ka Saransh Uddeshya
Panchlight Ki Kahani Ka Saransh Uddeshya

यूपी बोर्ड के एग्जाम में यह प्रश्न हर वर्ष आता है. यदि आपको पंचलाइट कहानी का उद्देश्य लिखिए ऐसा भी लिखा हो तो फिर भी आप यही लिखेंगे. आपको यह नंबर मानिये बिल्कुल फ्री के है. इसलिए आप इसे जरुर पढ़िए.

यदि आपने अभी तक कुछ तैयार नहीं किया है या फिर सोच रहे है किधर से शुरू करे तो आप लोग Panchlight Kahani Ka Uddeshya से शुरू कर सकते है. यह कहानी समझिये एक लव स्टोरी पर आधारित है.

आप लोगो को तो पता ही होगा की Panchlight Kahani Ka Saransh Class 12 में अक्सर पूछा जाता है. कक्षा 12th में इस तरह के कहानी आपको बहुत से देखने और पढने को मिलेगी. चलिए अब हम पंचलाइट कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखिए का जवाब जान लेते है.

यदि आपको पंचलाइट कहानी पसंद आये तो इसे अपने सभी मित्रो के पास भी भेजिएगा. मैं अगले पोस्ट में कुछ और कहानियाँ लेकर आऊंगा जो आपके लिए अति महत्वपूर्ण है.

शोर्ट में 'पंचलाइट कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखिए' - Panchlight ki Kahani Ka Saransh Uddeshya Class 12

दोस्तों चलिए अब हम पंचलाइट कहानी का सारांश को पढना शुरू करते है. इस कहानी के अंत में मैं आपको इसके सम्बन्धित जितने भी अन्य प्रश्न है उन सबके जावब दूंगा.

पंचलाइट कहानी का सारांश: पंचलाइट रेणु जी की आंचलिक कहानी है. कहानी में बिहार के एक पिछड़े गांव के परिवेश का सुंदर चित्रण प्रस्तुत किया गया है.

रामनवमी के मेले में महतो टोली के पंचों ने एक पेट्रोमैक्स खरीदा जिसको गांव वाले पंचलाइट कह कर पुकारते थे. पंचलाइट खरीदने के बाद दस रूपये बचे थे जिससे पूजा की सामग्री भी खरीदी गई.

उसी में कीर्तन का आयोजन किया गया उस टोली के सभी लोग पंचलाइट देखने के लिए आ गए लेकिन प्रश्न उठा कि इसको जलाएगा कौन ?

क्योंकि खरीदने के पहले यह बात तो दिमाग में आए ही नहीं लोगों ने यह निर्णय लिया की दूसरी टोली के लोगों से नहीं जलाया जाएगा भले ही वही पड़ा रहे. 

आज किसी ने अपने घर ढिबरी भी नहीं जलाई थी. पंचलाइट ना जलने से सभी के चेहरे उतर गए वही राजपूत टोली के लोग कहने लगे सभी लोग कान पकड़कर 10 बार उठे - बैठे पंचलैट जल जाएगा लेकिन ऐसा मजाक को भी धैर्यपूर्वक सहना पड़ा.

वहीं पर गुलरी काकी की बेटी मुनरी बैठी थी. वह जानती थी कि गोधन पंचलाइट जलाना जानता है, लेकिन पंचायत ने गोधन का हुक्का पानी बंद कर रखा था क्योंकि वह सलीमा का गाना गलियों में गाता रहता था और लड़कियों को छेड़ता रहता था.

मुनारी गोधन से प्रेम करती थी. इसलिए वह अपने न कहकर अपनी सहेली कनेली को बताई. कनेली सरदार तक यह बात पहुंचा दी कि गोधन पंचलाइट जलाना जानता है.

लेकिन सभी लोग सोच में पड़ गए कि गोधन को बुलाया जाए कि नहीं बुलाया जाए. अंत में लोगों ने निर्णय लिया कि उसे बुलाया जाए. सरदार ने छडीदार को भेजा लेकिन उसने आने से मना कर दिया.

कई लोग गए लेकिन वह आया नहीं अंत में गुलरी काकी झोपड़ी में गई और उसे मना कर ले आई. गोधन ने पंचलाइट में तेल भरा और पूछा स्प्रिट कहां है, सभी लोग उदास हो गए लेकिन गोधन होशियारी से गड़ी की तेल की सहायता से पंचलाइट जला देता है.

पंचलाइट के जलने से लोगों के मन में प्रसन्नता आ गई. महावीर स्वामी की जय जयकार करते हुए कीर्तन शुरू हुआ. गोधन ने सबका दिल जीत लिया.

मुनरी ने हसरत की निगाहों से उसे देखा दोनों की नजरें चार हो गई. गुलरी काकी ने शाम को उसे खाने पर बुलाया पंच भी अति उत्साहित होकर गोधन को कह देते हैं  - 'तुम्हारा सात खून माफ, खूब गाओ सलीमा का गाना'. 

कहानी का कथानक सजीव है सीधे - साधे अनपढ़ लोगों की संवेदनाओ को वाणी देने में फणीश्वरनाथ 'रेणु' जी समर्थ रहे. इस कहानी में आंचलिक जीवन की सजीव झांकी प्रस्तुत की गई है

दोस्तों पंचलाइट कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखिए का जवाब का यही अंत होता है. मुझे उम्मीद है की Panchlight Kahani Ka Saransh Class 12 का आपको बहुत मजेदार लगा होगा.

अब आपके प्रश्न - पत्र में यदि पंचलाइट कहानी का सारांश बताइए या फिर पंचलाइट कहानी के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए लिखा हुआ मिलेगा तो आप इसे लिख देंगे.

चलिए अब हम पंचलाइट' कहानी के बारे में अन्य कुछ प्रश्न के बारे में जान लेते है जो आपके द्वारा काफी डिमांड थी की मैं इसका जवाब दू.

पंचलाइट' कहानी का अर्थ, भाषा शैली, मुख्य पात्र, गोधन का चरित्र चित्रण, मूल संवेदना, सारांश आदि

दोस्तों आपने Panchlight Kahani Ka Saransh जान ही लिया है. अब हम कुछ इससे सम्बन्धित कुछ प्रश्नों के उत्तर जानेंगे. यदि आप लोग panchlight ki kahani video में चाहते है तो आप लोग मेरे YouTube चैनल पर जाकर देख सकते है.

मैंने पंचलाइट कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखिए का एक विडियो भी बनाया है. आपको उसमे पंचलाइट कहानी की कथावस्तु लिखिए भी मिलेगा. मैंने जो आपको आज कहानी बताये है आप उसे ही तैयार करे.

'पंचलाइट' का अर्थ क्या है ?

दोस्तों पंचलाइट का अर्थ उस लालटेन से है जिसे गाव वाले पेट्रोमैक्स कहकर पुकारते थे. आपने अपने घरो में लालटेन कभी देखा होगा यह कुछ इसी प्रकार से रहता है. 

पेट्रोमैक्स क्या होता है?

पेट्रोमैक्स एक लालटेन की भाँती दिखने वाला लाइट है. इसे जलाने पर अपने आस - पास प्रकाश प्रज्जवलित हो जाता है. पेट्रोमैक्स को ही पंचलाइट कहते है.

पंचलाइट कहानी का मुख्य पात्र कौन है?

पंचलाइट का मुख्य पात्र गोधन और गाव वाले है. इसमें एक गाव के परिवेश का जिक्र किया गया है. इसमें हम गोधन को नायक और मुनरी नायिका मान सकते है.

पंचलाइट किसकी रचना है?

पंचलाइट फणीश्वरनाथ 'रेणु' जी की रचना है. इसमें रेणु जी ने एक पिछड़े गाव के परिवेश के बारे में सुंदर झाकी प्रस्तुत की है.

मुनरी की मां का नाम क्या है?

मुनरी की माँ का नाम गुलरी है. यह वही गुलरी काकी है जो गोधन को पंचलाइट जलाने के लिए मानकर लाती है जिसे बाद में अपने घर खाने को भी बुलाती है.

पंचलाइट' कहानी की भाषा शैली

पंचलाइट कहानी की भाषा शैली बिहार के गाँवों की लोगो का भाषा है. इसमें खड़ी बोली भाषा का प्रयोग किया गया है. यह अंधविश्वास और गावो के लोगो का चरित्र का वर्णन करती है.

पंचलाइट की कहानी कैसे लिखें?

पंचलाइट की कहानी को कैसे लिखना है अगर इसके बारे में बात करू तो आपको जो मैंने कहानी बताई है आप उसे अच्छे से समझ कर अपने शब्दों में लिखिए. यह मायने नहीं रखता की आप वही लिखे जो मैंने बताया है. आप अपने हिसाब से लिखिए.

पंचलाइट कहानी का उद्देश्य क्या है?

पंचलाइट कहानी का उदेश्य सीधे - साधे अनपढ़ लोगो के वाणी है. यह कथानक सजीव है. इसमें एक पिछड़े गाव के परिवेश के बारे में बताया गया है जिसे आप उपर और अच्छे से पढ़ सकते है.

पंचलाइट' कहानी में गोधन का चरित्र चित्रण 

पंचलाइट कहानी में गोधन का चरित्र चित्रण एक आम नवयुवक की हरकतों की तरह है. इसमें गोधन एक नायक की तरह है. इसे आप कहानी में अच्छे से पढ़ सकते है.

अब दोस्तों हम Panchlight Ki Kahani Hindi Mein यही समाप्त करते है.  हम अगले दिन मिलते है एक नयी कहानी का सारांश लेकर.

आशा है आप लोग अपने मित्रो के पास "पंचलाइट' कहानी का सारांश लिखिए" को शेयर करेंगे. मैं आपके लिए ऐसे ही टॉपिक लेकर आता रहूँगा. आप हमें हमारे चैनल पर भी सम्पर्क कर सकते है.

आप तब तक 'Panchlight Ki Kahani Ka Uddeshya Saransh Short Mein Class 12th' को अच्छे से तैयार कर ले. यह प्रश्न का उत्तर आपको मात्र 80 शब्द में देने होंगे. आप इसे कंठस्थ जरुर कीजियेगा.